Please wait
एक करोड़ मुआवजा, केस वापस होंगे; प्रधान के इस्तीफे के साथ ही CJP का आंदोलन खत्म Sudhir wins historic छात्रों के आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा Sudhir wins historic हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति में पहाड़ी से गिरी चट्टान की चपेट में आई टाटा सुमो, 13 लोगों की मौत, दो घायल Sudhir wins historic सरकार के साथ वार्ता के बाद सीजेपी बोली- प्रधान के इस्तीफे पर कोई समझौता नहीं Sudhir wins historic सरकार के लिखित आश्वासन पर 26 दिनों बाद सोनम वांगचुक ने तोड़ा अनशन Sudhir wins historic पेपर लीक मामलों के लिए गठित होंगे फास्ट ट्रैक कोर्ट : प्रधानमंत्री Sudhir wins historic असम में बाढ़ से हालात गंभीर, 11 जिलों की 653164 आबादी प्रभावित, मृतकों की संख्या 44 हुई Sudhir wins historic टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी मानसून सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित Sudhir wins historic चर्चा रोकने के लिए शर्तें रखना ठीक नहीं, सरकार किसी मुद्दे से भागती नहीं': किरेन रिजिजू Sudhir wins historic विपक्ष के हंगामे के कारण संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित Sudhir wins historic

खौफ का सिंडिकेट: कौडिय़ों के दाम बुजुर्र्गों की जमीनें हड़पता था सोना पप्पू

ईडी ने कोर्ट में खोला जबरन वसूली और अवैध साम्राज्य का कच्चा चिट्ठा

19 May 2026

खौफ का सिंडिकेट: कौडिय़ों के दाम बुजुर्र्गों की जमीनें हड़पता था सोना पप्पू

कोलकाता। कसबा के रसूखदार कारोबारी विश्वजीत पोद्दार उर्फ 'सोना पप्पू' के काले कारनामों की परतें अब अदालत के सामने खुलने लगी हैं। ईडी ने कोर्ट में बेहद चौंकाने वाले खुलासे करते हुए दावा किया है कि सोना पप्पू महज एक मोहरा नहीं, बल्कि एक बेहद संगठित और रसूखदार जमीन सिंडिकेट का मुख्य चेहरा है। केंद्रीय जांच एजेंसी के मुताबिक, यह सिंडिकेट रसूख, हथियारों और खौफ के दम पर लोगों की बेशकीमती संपत्तियां बाजार मूल्य से बेहद कम यानी औने-पौने दाम पर हड़प लेता था। सोमवार रात को करीब नौ घंटे की मैराथन पूछताछ के बाद गिरफ्तार किए गए सोना पप्पू को मंगलवार को अदालत में पेश किया गया, जहाँ ईडी ने इस पूरे खेल को बेनकाब करने के लिए उसकी 10 दिनों की हिरासत की मांग की थी जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया हैं। 
अदालत की कार्यवाही के दौरान ईडी के वकीलों ने साफ किया कि सोना पप्पू का यह सिंडिकेट अकेले काम नहीं कर रहा था। जांच एजेंसी ने सीधे तौर पर बेहाला के बड़े कारोबारी जय कामदार और कोलकाता पुलिस के डीसी शांतनु सिंह विश्वास के नामों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि सोना पप्पू इन प्रभावशाली लोगों के लिए जमीन पर काम करता था। सिंडिकेट की कार्यप्रणाली ऐसी थी कि जय कामदार की कंपनियां जिन परियोजनाओं का खाका तैयार करती थीं, उन्हें जमीन पर हकीकत में बदलने और विवादित संपत्तियों को खाली कराने का जिम्मा सोना पप्पू का होता था। इस दौरान रंगदारी, धमकी, जबरन जमीन कब्जा और अवैध हथियारों का खुलकर इस्तेमाल किया जाता था। तलाशी अभियान के दौरान आरोपी के घर से एक रिवॉल्वर भी बरामद हुई है, जिसके बारे में ईडी का दावा है कि इसे जय कामदार की कंपनी के नाम पर खरीदा गया था और इसी हथियार के दम पर कांकुलिया इलाके में भारी हिंसा और तोडफ़ोड़ की घटना को अंजाम दिया गया था। हालांकि, बचाव पक्ष ने इस दावे को नकारते हुए कहा कि हथियार पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया और नियमों के तहत खरीदा गया था। 
जांच एजेंसी ने कोर्ट के सामने इस सिंडिकेट द्वारा औने-पौने दाम पर खरीदी गई संपत्तियों के कुछ ठोस उदाहरण भी पेश किए। ईडी के अनुसार, साल 2024 में जिस संपत्ति की बाजार में अनुमानित कीमत करीब 7.7 करोड़ रुपये थी, उसे डरा-धमकाकर महज एक करोड़ रुपये में लिखवा लिया गया। इसी तरह साल 2022 में 18 क_ा जमीन, जिसकी असल बाजार कीमत 5.42 करोड़ रुपये के आसपास थी, उसे सिंडिकेट ने अपनी ताकत के बल पर मात्र 1.39 करोड़ रुपये में हथिया लिया। जब बचाव पक्ष के वकील ने इस पर आपत्ति जताते हुए सवाल किया कि अगर कीमतें कम थीं तो जमीन मालिकों ने शिकायत क्यों नहीं दर्ज कराई, तो ईडी ने बेहद संजीदा जवाब देते हुए कहा कि यह सिंडिकेट जानबूझकर ऐसे असहाय और बुजुर्ग लोगों को निशाना बनाता था जो डर के मारे पुलिस या कानून के पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाते थे। 
वित्तीय हेरफेर के मामले में भी ईडी ने अदालत को बताया कि सोना पप्पू और उसके परिवार के नाम पर करीब 30 फर्जी या मुखौटा (शेल) कंपनियों का पता चला है, जिनका इस्तेमाल इस काले कारोबार को छिपाने और रियल एस्टेट सेक्टर को नियंत्रित करने के लिए किया जा रहा था। बैंक खातों की पड़ताल से साफ हुआ है कि जय कामदार और सोना पप्पू की कंपनियों के बीच करोड़ों रुपये का संदिग्ध लेनदेन हुआ है। ईडी ने कोर्ट को यह भी बताया कि आरोपी जांच में बिल्कुल सहयोग नहीं कर रहा था। उसे पहले भी तीन बार समन जारी किए गए थे, लेकिन वह कानून से बचता रहा और सोमवार को अचानक पेश हुआ, जिसके बाद उसकी गिरफ्तारी अनिवार्य हो गई। 
दूसरी तरफ, आरोपी के वकील ने इन सभी दलीलों को सनसनीखेज बताते हुए कहा कि व्यापार करना कोई अपराध नहीं है और जांच एजेंसी के पास यह साबित करने का कोई ठोस जरिया नहीं है कि यह पैसा किसी अवैध गतिविधि से आया है। फिलहाल दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया है।

Comments

No comments to show. Log in to add some!

Other Relevant Stories


कौडिय़ों के दाम बुजुर्र्गों की जमीनें हड़पता था सोना पप्पू
ईडी ने कोर्ट में खोला जबरन वसूली और अवैध साम्राज्य का कच्चा चिट्ठा





Download The Taaza Tv App Now to Stay Updated on the Latest News!


play store download
app store download
app img


Breaking News